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| ग्राम पंचायत बिराजपाली |
बिराजपाली। ग्राम पंचायत बिराजपाली में पंचायत सचिव पुष्पलता चौहान की कथित लगातार अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीण महेश प्रजापति ने इस संबंध में शिकायत कर पंचायत सचिव की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायत सचिव के नियमित रूप से पंचायत कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहने के कारण ग्राम पंचायत के विभिन्न विकास एवं जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वार्डों की साफ-सफाई व्यवस्था नियमित रूप से नहीं होने के साथ ही शासन द्वारा ग्राम विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में भी परेशानी आने की बात शिकायत में कही गई है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंचायत सचिव ग्राम पंचायत बिराजपाली से करीब 23 किलोमीटर दूर पिथौरा में निवास करती हैं। ऐसे में उनकी पंचायत कार्यालय में नियमित उपस्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
नियुक्ति दिनांक से हाजिरी रजिस्टर की जांच की मांग
महेश प्रजापति ने अधिकारियों से मांग की है कि पंचायत सचिव की नियुक्ति दिनांक से 03 अक्टूबर 2026 तक की उपस्थिति की जांच कराई जाए। इसके लिए एक जांच टीम गठित कर पंचायत कार्यालय बिराजपाली में ग्रामवासियों की उपस्थिति में हाजिरी रजिस्टर एवं संबंधित अभिलेखों की जांच किए जाने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जांच के दौरान हाजिरी रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षरों, वास्तविक उपस्थिति तथा पंचायत कार्यालय में किए गए कार्यों का मिलान किया जाए। यदि जांच में अनियमितता अथवा लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित पंचायत सचिव के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि यदि पंचायत सचिव की नियमित उपस्थिति ही संदिग्ध है, तो ग्राम पंचायत के विकास कार्यों और शासन की योजनाओं की जमीनी निगरानी आखिर कैसे हो रही है? ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और स्पष्ट कार्रवाई की मांग की है।
सत्यवाहक न्यूज

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