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462 स्कूलों की निगरानी का जिम्मा, BEO कार्यालय का शौचालय ही बदहाल! अपनी व्यवस्था पर विभाग से सवाल

 

शौचालय का चित्र

पिथौरा। विकासखंड के 462 स्कूलों और 31 क्लस्टरों से जुड़ी शिक्षा व्यवस्था की निगरानी करने वाला विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय पिथौरा इन दिनों अपनी ही मूलभूत स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। कार्यालय परिसर के शौचालय की सामने आई तस्वीरों और वीडियो में गंदगी एवं रखरखाव की कमी नजर आ रही है। ऐसे में सवाल केवल सफाई का नहीं, बल्कि नियमित निगरानी, जिम्मेदारी और कार्यालयीय व्यवस्था का भी है।

              यह है गंदे शौचालय का वीडियो👆👆

31 क्लस्टर, 462 स्कूल… फिर अपने ही कार्यालय की सुध क्यों नहीं?

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के आधिकारिक School Education Portal की ब्लॉकवार रिपोर्ट के अनुसार, पिथौरा विकासखंड में 31 क्लस्टरों के अंतर्गत 462 स्कूल दर्ज हैं। इतने बड़े शैक्षणिक दायरे से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी करने वाले कार्यालय का स्वच्छ, व्यवस्थित और सुचारु होना अपेक्षित है।

लेकिन सामने आई तस्वीरें कार्यालय की मूलभूत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। आखिर कार्यालय की नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है? क्या इसके लिए नियमित व्यवस्था निर्धारित है? यदि हां, तो फिर निरीक्षण और निगरानी के बावजूद ऐसी स्थिति सामने कैसे आई?

ये कौन सा शौचलय


सवाल सिर्फ गंदे शौचालय का नहीं

किसी कार्यालय में सफाई की कमी को केवल एक छोटी प्रशासनिक समस्या मानकर नजरअंदाज किया जा सकता है, लेकिन जब वही कार्यालय सैकड़ों स्कूलों की व्यवस्थाओं की निगरानी से जुड़ा हो, तो सवाल का दायरा स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है।

क्या BEO कार्यालय की मूलभूत सुविधाओं का नियमित निरीक्षण होता है?
क्या सफाई और रखरखाव के लिए जिम्मेदारी तय है?
क्या संबंधित अधिकारी समय-समय पर कार्यालय परिसर की स्थिति की समीक्षा करते हैं?
और यदि यह व्यवस्था पहले से निर्धारित है, तो फिर ऐसी स्थिति बनी कैसे?

ये चित्र कुछ रहा है


दूसरों को व्यवस्था का संदेश, अपने कार्यालय में व्यवस्था क्यों बदहाल?

शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है। स्कूलों में स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं और बेहतर वातावरण को लेकर भी विभागीय निगरानी महत्वपूर्ण है।

ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जो कार्यालय स्कूलों की व्यवस्थाओं पर नजर रखता है, क्या उसकी अपनी मूलभूत व्यवस्थाओं की भी उसी गंभीरता से निगरानी हो रही है?

अब तस्वीरों के बाद कार्रवाई और जवाब का इंतजार

सामने आई तस्वीरों और वीडियो के बाद अब निगाह संबंधित अधिकारियों पर है। क्या कार्यालय की स्वच्छता एवं रखरखाव व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाएगा? क्या यह पता लगाया जाएगा कि नियमित सफाई व्यवस्था में कमी कहां हुई? और क्या भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी?

मामला केवल एक शौचालय की गंदगी का नहीं है। मुद्दा यह है कि 31 क्लस्टरों और 462 स्कूलों से जुड़ी शिक्षा व्यवस्था की निगरानी करने वाले कार्यालय में स्वयं मूलभूत व्यवस्थाओं की निगरानी कितनी गंभीरता से हो रही है।

अब सवाल उठ चुका है—जिम्मेदार विभाग इसका जवाब व्यवस्था सुधारकर देगा या सिर्फ औपचारिक सफाई तक मामला सीमित रहेगा?

सत्यवाहक न्यूज:-

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